लंबे समय तक ईरान के खिलाफ जंग के लिए मिडिल ईस्ट में तैनाती के बाद अमेरिकी नौसेना का जंगी जहाज- यूएसएस अब्राहम लिंकन थाईलैंड के मशहूर शहर पटाया में पहुंच गया है. रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इससे वहां के कारोबार और अर्थव्यवस्था को फायदा होने की उम्मीद है. हालांकि कमाल की बात है कि स्थानीय प्रशासन ने इसी दौरान शहर के कुछ इलाकों में सेक्स टूरिज्म पर कार्रवाई भी तेज कर दी है. आपके मन में सवाल आ सकता है कि आखिर ऐसा क्यों? शहर में जब अमेरिकी सैनिक आ रहे हैं तब प्रॉस्टिट्यूशन यानी देह व्यापार पर यह एक्शन क्यों लिया जा रहा है. दरअसल इसमें कनेक्शन है.
USS अब्राहम लिंकन दुनिया के सबसे एडवांस जंगी जहाजों में से एक है. यह विमानवाहक पोत है यानी इसपर फाइटर जेट होते हैं, लैंड करते हैं, उड़ान भरते हैं. यह बुधवार को थाईलैंड के पटाया के पास लाम चाबांग बंदरगाह पर पहुंच गया. उसके साथ नौसेना के दो और जहाज भी हैं. थाई अधिकारियों के मुताबिक, इन जहाजों पर मौजूद करीब 5,000 नौसैनिकों और मरीन सैनिकों को 200 से ज्यादा दिनों तक समुद्र में रहने के बाद आराम करने का मौका मिलेगा.
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार इसके पहुंचने से पहले पुलिस ने पटाया के मुख्य समुद्र तट और नाइटलाइफ इलाके में अतिरिक्त गश्त की तैयारी कर ली. अधिकारियों ने बताया कि पिछले वीकेंड पुलिस की छापेमारी में देह व्यापार के शक में 40 से 50 लोगों को हिरासत में लिया गया था. पटाया के पुलिस प्रमुख अनेेक श्रीथोंगयू ने सोमवार को कहा, “हम अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रहे हैं, लेकिन यह मुश्किल है.” उन्होंने बताया कि सेक्स वर्कर अधिकारियों की जानकारी के बिना सार्वजनिक जगहों पर कस्टमर्स को आकर्षित करने की कोशिश कर सकते हैं.
थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी है. इसके बावजूद समय-समय पर कार्रवाई होने के बाद भी देश के बड़े पर्यटन केंद्रों में सेक्स इंडस्ट्री खुले तौर पर दिखाई देती है. इसमें बैंकॉक और पटाया के कुछ इलाके भी शामिल हैं.
बता दें कि अब्राहम लिंकन नवंबर में अपने होम पोर्ट सैन डिएगो से रवाना हुआ था. बाद में उसे मिडिल ईस्ट भेज दिया गया, जहां अमेरिका और इजरायल के ईरान के खिलाफ युद्ध में सैन्य अभियानों में मदद करनी थी. डेमोक्रेटिक सांसदों के मुताबिक, इस दौरान इस विमानवाहक पोत ने लगातार सबसे ज्यादा दिनों तक समुद्र में रहने का आधुनिक समय का रिकॉर्ड बनाया है. लेकिन इतनी लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं भी सामने आई हैं. जहाज की हालत खराब होने की खबरें भी आई हैं. इस महीने सेना से जुड़ी दो वेबसाइटों ने जहाज पर आत्महत्या की कोशिशों और सैनिकों के गिरते मनोबल के बारे में रिपोर्ट दी है.
उन्होंने विमानवाहक पोत पर मौजूद सैनिकों में तनाव और आत्महत्या की कोशिशों की खबरों का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि इससे चिंता की एक और वजह जुड़ जाती है. चोनबुरी टूरिज्म फेडरेशन एसोसिएशन के अध्यक्ष थानेत सुपोर्नसाहरुंगसी ने कहा कि पटाया पर इसका कुल कारोबारी असर इस बात पर भी निर्भर करेगा कि अमेरिकी सैनिक अपना समय कहां बिताते हैं. कुछ सैनिक राजधानी बैंकॉक भी जा सकते हैं.
पटाया नाइटलाइफ बिजनेस एसोसिएशन की अध्यक्ष लिसा हैमिल्टन ने कहा, “जब हमें खबर मिली कि अमेरिका की नौसेना का युद्धपोत पटाया में रुकेगा, तो यह हमारे लिए उम्मीद की एक वजह बन गया.” उन्होंने कहा, “मैं 20 साल से ज्यादा समय से पटाया में रह रही हूं और मैंने कभी भी ऐसा साल नहीं देखा, जब कारोबार इतना धीमा रहा हो.”
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