अमेरिका को ज्ञान तो ठीक, पर असली खलनायक चीन... ब्रह्मा चेलानी ने डिकोड किया जिनपिंग का डर्टी गेम

Hindi | 14 September, 2026 | 01:18 PM
સાંજ સમાચાર

ब्रिक्‍स मीटिंग में पश्चिमी देशों को ज्ञान देने वाले चीन की पोल अब खुद डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने खोल दी है. डिक्लेरेशन में बड़ी-बड़ी बातें करने वाला बीजिंग असल में बैकस्टेज से भारत की तरक्की रोकने का डर्टी गेम खेल रहा है. इंडिया को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से रोकने के लिए चीन ने मशीनरी और क्रिटिकल मिनरल्स की सप्लाई रोक दी है. ब्रिक्स का यह दोहरा रवैया अब बेनकाब हो चुका है.

BRICS के न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन ने ग्लोबल पॉलिटिक्स में हलचल मचा दी है. इंटरनेशनल अफेयर्स के जाने-माने एक्सपर्ट डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने ब्रिक्स की कथनी और करनी के अंतर पर कड़ा प्रहार किया. उनका मानना है कि ब्रिक्स मंच से पश्चिमी देशों के आर्थिक प्रतिबंधों पर ज्ञान तो जमकर दिया जा दिया रहा है लेकिन असली ट्विस्ट यह है कि BRICS का सबसे बड़ा खिलाड़ी चीन खुद बैकस्टेज से गंदा गेम खेल रहा है. भारत को ग्लोबल मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से रोकने के लिए बीजिंग ने क्रिटिकल मिनरल्स और हाई-टेक मशीनरी की सप्लाई-चेन ही ब्लॉक कर दी है.

डॉ. चेलानी के मुताबिक, अमेरिका के एकतरफा फैसलों पर उंगली उठाने वाले ब्रिक्स देशों को चीन के रवैये को भी देखना होगा. कागजों पर एकजुटता दिखाने वाला चीन असलियत में अपने ही पार्टनर्स की पीठ में छुरा घोंपने का काम कर रहा है.

ब्रिक्‍स के न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन में लिखा है कि “हम अंतरराष्ट्रीय कानूनों के खिलाफ लगाए जाने वाले एकतरफा आर्थिक प्रतिबंधों की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं.” यह तीर सीधा पश्चिमी देशों और अमेरिका के वित्तीय प्रतिबंधों की तरफ था. लेकिन सच यह है कि BRICS का खुद का मेंबर यानी चीन अपनी मनमानी और सप्लाई-चेन की दादागिरी से बाकी देशों की नाक में दम किए हुए है. डॉ. चेलानी ने इसे चीन और ब्रिक्स का सबसे बड़ा डबल स्टैंडर्ड करार दिया है.

डॉ. ब्रह्मा चेलानी के मुताबिक, पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों को गलत बताने वाला चीन खुद गैर-कानूनी तरीके से इकोनॉमिक प्रेशर बनाने का काम कर रहा है. क्रिटिकल मिनरल्स जैसे रेयर अर्थ, मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट्स और मुख्य इंडस्ट्रियल कंपोनेंट्स के एक्सपोर्ट पर अचानक बैन लगा देना या कड़े नियम थोपना चीन की पुरानी आदत बन चुकी है. यह सब कुछ एकतरफा आर्थिक दबाव का ही रूप है जो खुले व्यापार और ग्लोबल सप्लाई-चेन की धज्जियां उड़ाता है.

डॉ. ब्रह्मा चेलानी ने आरोप लगाया कि BRICS जहां एक तरफ पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों की निंदा करता है, वहीं इसका सदस्य चीन खुद भारत जैसे साझेदार देशों पर आर्थिक दबाव और सप्लाई-चेन पाबंदियां लगाता है, जो BRICS के दोहरे रवैये (Double Standard) को उजागर करता है.

चीन ने औपचारिक और अनौपचारिक तरीकों से क्रिटिकल मिनरल्स, मैन्युफैक्चरिंग इक्विपमेंट्स और तकनीकी विशेषज्ञता के भारत निर्यात पर प्रतिबंध लगाए हैं, ताकि भारत को एक वैकल्पिक वैश्विक मैन्युफैक्चरिंग हब बनने से रोका जा सके.

Related News
Sports News
Loading...
Facebook Twitter LinkedIn Pinterest
Get In Touch

Rajkot - Head Office, Sanj Samachar Corporate House, 2nd Floor, Kasturba Road, Near Sharda Baug
Rajkot-360001

0281-2473911-12-13

sanjsamachar@gmail.com

Privacy-policy

Contact Us

Keep In Touch

Subscribe to Our Newsletter to get Important News & Offers

Download App from

Download android app - Sanj Download ios app - Sanj