|
SANJ SAMACHAR | Date: 03-09-2026 Thursday | Rajkot |
|
|
नई दिल्ली: छह दशक पुराने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान का अत्याधुनिक फाइटर जेट F-16 मार गिराने वाले एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान भारतीय एयरफोर्स का साथ छोड़ चुके हैं। बालाकोट एयरस्ट्राइक के हीरो और वीर चक्र से सम्मानित ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान अब जिंदगी की नई पारी शुरू करने जा रहे हैं। वह जल्द ही रीजनल एयरलाइंस 'फ्लाई 91' (Fly91) ज्वाइन करेंगे और कमर्शियल प्लेन उड़ाते नजर आएंगे। हालांकि, इस बीच यह सवाल उठ रहा है कि आखिर ग्रुप कैप्टन अभिनंदन ने एयरफोर्स कब छोड़ी? तो आइए आपको बताते हैं।
दरअसल, 27 फरवरी साल 2019 में भारत और पाकिस्तान के बीच हवाई संघर्ष हुआ, जिसमें ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने मिग-21 बाइसन से पाकिस्तान का एफ-16 फाइटर जेट मार गिराया। इस दौरान उनका मिग-21 बाइसन भी दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। जैसे ही ग्रुप कैप्टन अभिनंदन का फाइटर जेट क्रैश होने लगा, उन्होंने अपनी सीट इंजेक्ट कर दी और पैराशूट के जरिए पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के भीमबेर जिले के होर्रान गांव में लैंड हुए। यहां से LOC यानी भारतीय सीमा की दूरी 7 किलोमीटर थी। यहां से पाकिस्तानी रेंजर उन्हें पकड़कर अपने साथ ले गए। भारत की चेतावनी के बाद पाकिस्तान को उन्हें वापस भारत को सौंपना पड़ा।
बालाकोट एयरस्ट्राइक के समय जब ये पूरा घटनाक्रम हुआ, तब ग्रुप कैप्टन अभिनंदन श्रीनगर एयरबेस की 51वीं स्क्वाड्रन में विंग कमांडर के रूप में तैनात थे। पाकिस्तान की कैद से लौटकर आने के बाद उन्हें सुरक्षा के लिहाज से मई 2019 में राजस्थान के सूरतगढ़ एयरबेस पर पोस्टिंग दी गई थी। यहां उन्होंने फिर से मिग-21 फाइटर जेट उड़ान शुरू कर दिया था। यहां नवंबर 2021 में उन्हें पदोन्नत करके विंग कमांडर से ग्रुप कैप्टन बना दिया गया।
इसी साल 2026 के मार्च महीने में ग्रुप कैप्टन अभिनंदन वर्धमान ने एयरफोर्स से प्रीमेच्योर रिटायरमेंट ले लिया। यहां पर ही उनकी 22 साल की शानदार सर्विस का सफर खत्म हुआ। अब जल्द ही अभिनंदन गोवा, हैदराबाद, बेंगलुरु समेत 12 रीजनल शहरों की उड़ान के दौरान आपके हवाई जहाज को उड़ाते हुए नजर आ सकते हैं। इस बात को फ्लाई 91 एयरलाइंस ने भी कंफर्म किया है। बता दें कि फ्लाई 91 गोवा, कोच्चिन, हैदराबाद, बेंगलुरु, लक्षद्वीप, पुणे, अगाती और हुबली समेत फिलहाल टियर-2 और टियर-3 कैटेगरी के 12 शहरों के बीच उड़ान भरती है।