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SANJ SAMACHAR | Date: 11-09-2026 Friday | Rajkot |
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भारत की अध्यक्षता में आयोजित होने जा रहे BRICS शिखर सम्मेलन से पहले रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को नई दिल्ली पहुंच गए. फरवरी 2022 से यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में यह उनकी पहली प्रत्यक्ष भागीदारी है. एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति पुतिन का स्वागत विदेश राज्य मंत्री कीर्ति वर्धन सिंह ने किया.
पुतिन के साथ एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी भारत पहुंचा है. वहीं आज दोपहर को करीब तीन बजे पीएम मोदी रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ अहम मुलाकात करेंगे. इस मीटिंग के दौरान कई मुद्दों पर चर्चा होगी. नई दिल्ली में होने वाला यह सम्मेलन ऐसे समय में आयोजित हो रहा है, जब वैश्विक अर्थव्यवस्था रूस-यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया संकट, ऊर्जा आपूर्ति चुनौतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार नीतियों के प्रभाव से जूझ रही है.
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे. 13 सितंबर तक पुतिन करीब 60 घंटे भारत में रहेंगे. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए पुतिन का भारत में स्वागत किया गया है. उन्होंने कहा कि भारत और रूस के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के आधार पर लंबे समय से मजबूत और बहुआयामी संबंध बने हुए हैं.
पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच शुक्रवार दोपहर लगभग तीन बजे व्यापक द्विपक्षीय वार्ता निर्धारित है. दोनों नेताओं के बीच रक्षा, ऊर्जा, प्रौद्योगिकी, फार्मास्यूटिकल्स, निवेश और लोगों के बीच संपर्क बढ़ाने जैसे विषयों पर चर्चा होने की उम्मीद है. रूस और भारत के बीच व्यापारिक संबंधों को और मजबूत करने तथा ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर भी बातचीत हो सकती है.
इस बैठक के बाद नेता 'भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी' (Bharat Innovates Exhibition) का दौरा करेंगे, जिसका उद्घाटन शाम 4:25 बजे निर्धारित है. शाम 5:05 बजे सभी नेता सम्मेलन स्थल भारत मंडपम के लॉन में एकत्र होकर पारंपरिक फैमिली फोटो खिंचवाएंगे. इसके बाद सभी नेता संयुक्त रूप से वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे.
रविवार को BRICS सदस्य देशों के अलावा साझेदार देशों और विशेष आमंत्रित देशों के नेताओं का आगमन सुबह 9:55 बजे से शुरू होगा. इसके बाद सुबह 10:35 बजे सभी नेता आधिकारिक ग्रुप फोटो के लिए एकत्र होंगे. विदेश मंत्रालय द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, मुख्य सत्र सुबह 10:50 बजे शुरू होगा. इस सत्र का विषय होगा: 'मजबूती, नवाचार, सहयोग और टिकाऊपन: समावेशी वैश्विक विकास के भविष्य का निर्माण' (Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability: Shaping the Future for Inclusive Global Growth. इस सत्र में वैश्विक आर्थिक विकास, आपूर्ति श्रृंखला की मजबूती, नवाचार, जलवायु चुनौतियां, ऊर्जा सुरक्षा और विकासशील देशों के हितों से जुड़े मुद्दों पर व्यापक चर्चा होने की संभावना है.
12 सितंबर से शुरू होने वाले ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मुख्य सत्र में भारत की अध्यक्षता के दौरान शुरू की गई पहलों और BRICS साझेदारी को और मजबूत करने की संभावनाओं पर चर्चा होगी. सम्मेलन में वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं की मजबूती, सीमा पार भुगतान प्रणाली, राष्ट्रीय मुद्राओं के उपयोग, MSME विकास, डिजिटल व्यापार, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, ऊर्जा सुरक्षा, जलवायु लचीलापन और विकास वित्त जैसे विषय प्रमुख रहेंगे. शिखर सम्मेलन का समापन नई दिल्ली घोषणा पत्र जारी किए जाने के साथ होगा, जिस पर दुनिया भर की निगाहें टिकी रहेंगी.