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SANJ SAMACHAR | Date: 08-09-2026 Tuesday | Rajkot |
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देशभर में ट्रेनों में आग की कई घटनाओं के बाद अब रेलवे ने हाईटेक व्यवस्था अपनाने की तैयारी शुरू की है। स्टेशन को आग से बचाने के लिए अब एस्पिरेशन टाइप फायर डिटेक्शन एंड अलार्म सिस्टम लगाया जाएगा। इससे सिग्नल रूम, रिले रूम समेत स्टेशन के अन्य संवेदनशील स्थानों में आग लगने की घटना रोकी जा सकेगी।
पहले चरण में 7.62 करोड़ की लागत से धनबाद, गोमो व कोडरमा में इसे इंस्टाल किया जाएगा। दूसरी ओर, ट्रेनों में आगलगी की घटनाओं की रोकथाम के लिए अब वाटर मिस्ट आधारित अग्निरोधक उपयोग में लाए जाएंगे। अब तक आग और धुएं से दम घुटने का डर बना रहता था।
यह उपकरण आग का दम घोंटने में सहायक होगा। वाटर मिस्ट फायर एक्सटिंग्विशर पूर्व मध्य रेल के 250 कोच में लगाए जाएंगे। हालांकि, कितने ट्रेनों में व किस किस श्रेणी के कोचेज में वाटर मिस्ट फायर एक्सटिंग्विशर लगेगा, इसको लेकर अब तक रेलवे ने गाइडलाइन जारी नहीं की है।
यह अत्यंत संवेदनशील फायर डिटेक्शन है, जो धुएं के छोटे कण को भी हवा में खींच कर तुरंत अलार्म बजा देगा। पारंपरिक फायर डिटेक्शन सिस्टम की तुलना में आग का पता लगाने में सक्षम है।
यदि हवा में सामान्य से अधिक धुएं के कण हैं जो तत्काल अलार्म बजा देगा जिससे जरूरी कदम उठाए जा सकते हैं। इससे स्टेशन के सिग्नलिंग रूम और इलेक्ट्रानिक उपकरणों वाले कमरों में आग की स्थिति का तुरंत पता चल जाएगा और बड़ी दुर्घटना को टाला जा सकेगा।
वाटर मिस्ट फायर एक्सटिंग्विशर आधुनिक अग्निशामक यंत्र है। इसकी बारिक बूंदें आग पर पड़ते ही तेजी से वाष्पित होता है और तापमान तेजी से घटने लगता है। वाष्पीकरण के दौरान बनने वाली भाप और धुंध आग के चारों ओर आक्सीजन की आपूर्ति रोक देती है जिससे आग का दम घुट जाएगा और आग बुझ जाएगी।पूरी तरह इको फ्रेंडली होने के कारण इसमें किसी तरह के जहरीले रसायन या टाक्सिक गैस का उपयोग नहीं होता। साथ ही आसपास की अन्य वस्तुओं को पानी से अधिक गीला या खराब भी नहीं करेगा।