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SANJ SAMACHAR | Date: 12-09-2026 Saturday | Rajkot |
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इंदौर: कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के आगामी 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम को लेकर मध्य प्रदेश के इंदौर में सियासी पारा पूरी तरह चढ़ गया है। शुरुआत में इस मेगा इवेंट के लिए जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजन की तैयारी थी, लेकिन प्रशासन से परमिशन न मिलने के बाद कांग्रेस को नया विकल्प तलाशना पड़ा। आखिरकार, इंदौर डेवलपमेंट अथॉरिटी से जमीन का अस्थायी पट्टा लेकर नया वेन्यू फाइनल कर दिया गया है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी सरकार राहुल गांधी के इस दौरे से बुरी तरह घबराई हुई है, जिसके चलते जानबूझकर अनुमतियों में देरी की गई। इंदौर सिटी कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने बताया कि पार्टी ने रीजनल पार्क के सामने 12,000 वर्ग मीटर जमीन के अस्थायी पट्टे के लिए 10.08 लाख रुपये जमा कर दिए हैं। इस नए वेन्यू का नाम कांग्रेस ने 'भारत जोड़ो मैदान' रखा है। कार्यक्रम अब 19 सितंबर को आयोजित किया जाएगा, जिसमें करीब 1.5 लाख छात्रों के रजिस्ट्रेशन का दावा किया जा रहा है।
विवाद बढ़ने के बाद मेयर पुष्यमित्र भार्गव ने स्पष्ट किया कि मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के पुराने आदेश के अनुसार जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम का उपयोग केवल खेलों या राज्य स्तरीय सरकारी आयोजनों के लिए ही किया जा सकता है। राजनीतिक कार्यक्रमों के लिए वहां अनुमति देना नियमों के खिलाफ है। इसी तकनीकी अड़चन के कारण कांग्रेस को अंतिम समय में अपना वेन्यू बदलना पड़ा।
दूसरी ओर, बीजेपी ने कांग्रेस के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इसे केवल पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है। बीजेपी राज्य सह-मीडिया प्रभारी आलोक दुबे ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस केवल प्रोपेगैंडा की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का नाम 'छात्रों की गूंज' की बजाय 'झूठ की गूंज' होना चाहिए, क्योंकि जनता इनकी असलियत अच्छी तरह जानती है।
छात्रों की गूंज' राहुल गांधी द्वारा शुरू किया गया एक प्रमुख स्टूडेंट डायलॉग कैंपेन है, जिसके जरिए वे पेपर लीक, महंगी शिक्षा, सरकारी भर्तियों में अनियमितताएं और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर सीधे बीजेपी को घेर रहे हैं। कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे के सफल संस्करणों के बाद अब इंदौर का यह इवेंट मध्य प्रदेश की राजनीति में एक बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।