www.twitter.com/sanj_news www.instagarm.com/sanjsamachar www.facebook.com/sanjsamachar www.sanjsamachar.net

ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में पुतिन का 'मटकी' मार ठहाका... शी जिनपिंग क्यों लगे घूरने?


સાંજ સમાચાર

दिल्ली ब्रिक्स सम्मेलन 2026 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति पुतिन और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बॉडी लैंग्वेज ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा. अनौपचारिक मुलाकातों से लेकर ठहाकों तक, जानिए भारत के नजरिए से इस केमिस्ट्री का क्या मतलब है.

ब्रिक्स सम्मेलन से कई ऐसी तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींचा है. इन्हीं में से एक तस्वीर ऐसी है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की बॉडी लैंग्वेज काफी कुछ बयां कर रही है. इस खास तस्वीर में रूसी राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी दोनों खिलखिलाकर हंसते हुए दिख रहे हैं. वहीं, शी जिनपिंग पुतिन की तरफ देख रहे हैं.

गौर करने वाली बात यह है कि इस दौरान चीनी राष्ट्रपति के दोनों हाथ पीछे हैं और वह रूसी राष्ट्रपति को एक रहस्यमय अंदाज़ में देख रहे हैं. दूसरी ओर, पुतिन इस दौरान पीएम मोदी की तरफ देख तो रहे हैं, लेकिन उनकी नजरें चीनी राष्ट्रपति की तरफ भी कनखियों से जा रही हैं. यह तस्वीर कई सवाल खड़े करती है. क्या यह इस बात का संकेत है कि अब भारत, चीन और रूस के बीच एक मजबूत तिकड़ी बनने वाली है?

या फिर इन नेताओं के हाव-भाव कुछ और ही कहानी कह रहे हैं? इस तस्वीर को लेकर सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा हो रही है. लोग अपने-अपने अंदाज़े लगा रहे हैं कि आखिर इस पल के पीछे की असल कहानी क्या है.

भारत की मेजबानी में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान औपचारिक मंचों और गंभीर बैठकों के इतर एक ऐसा नजारा देखने को मिला, जिसने पश्चिमी देशों के विश्लेषकों और अंतर्राष्ट्रीय मीडिया को हैरान कर दिया. यह नजारा था दुनिया के तीन सबसे शक्तिशाली नेताओं भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की केमिस्ट्री और बॉडी लैंग्वेज का. सम्मेलन के दौरान कई मौकों पर तीनों शीर्ष नेता एक-दूसरे के साथ बेहद सहज, हंसते-मुस्कुराते और अनौपचारिक बातचीत करते हुए दिखाई दिए.

शिखर सम्मेलन के विभिन्न सत्रों और ग्रुप फोटो सेशन के दौरान तीनों नेताओं के बीच का तालमेल और सहजता देखने लायक थी. ग्रुप फोटो के लिए मंच पर एकत्र होने से ठीक पहले पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग एक छोटे घेरे में खड़े होकर ठहाके लगाते नजर आए. पुतिन के किसी जोक पर पीएम मोदी का खुलकर मुस्कुराना और शी जिनपिंग का सहमति में सिर हिलाना सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया.

रूसी राष्ट्रपति पुतिन का प्रधानमंत्री मोदी के प्रति अनौपचारिक और गर्मजोशी भरा रवैया हमेशा की तरह सुर्खियों में रहा. एक कॉरिडोर वॉक के दौरान पुतिन पीएम मोदी से गहरी बातचीत करते और उनके कंधे पर हाथ रखकर हंसते दिखे. सीमा विवाद और भू-राजनीतिक तनावों के बावजूद, ब्रिक्स मंच पर पीएम मोदी और शी जिनपिंग के बीच तल्खी के बजाय एक परिपक्व और सहज बॉडी लैंग्वेज देखने को मिली. दोनों नेताओं ने बिना किसी औपचारिकता के कई मुद्दों पर संक्षिप्त चर्चा की.

भारत के दृष्टिकोण से, पीएम मोदी, पुतिन और शी जिनपिंग की यह जुगलबंदी केवल तस्वीरों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके गहरे कूटनीतिक मायने हैं. ब्रिक्स 2026 में मोदी, पुतिन और जिनपिंग की खुशनुमा तस्वीरें यह दर्शाती हैं कि मतभेदों के बावजूद वैश्विक प्राथमिकताओं, शांति और आर्थिक विकास के लिए यह तिकड़ी एक साथ काम करने को तैयार है. भारत ने अपनी चतुर कूटनीति से यह साबित कर दिया है कि वह पूर्व और पश्चिम के बीच सबसे मजबूत सेतु है.

Print