www.twitter.com/sanj_news www.instagarm.com/sanjsamachar www.facebook.com/sanjsamachar www.sanjsamachar.net

आकाश आनंद के लिए ससुर अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से लिया संन्यास


સાંજ સમાચાર

बसपा के पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ ने राजनीति से संन्यास ले लिया है। गुरुवार सुबह उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने मायावती को संबोधित करते हुए उन्होंने लिखा- “बहन जी का हर आदेश मेरे लिए अंतिम है।”

आकाश आनंद को गुमराह करने और पार्टी पर कब्जे की कोशिश के आरोपों को साजिश बताया। कहा कि पिछले कई महीनों में आकाश आनंद से उनकी मुलाकात तक नहीं हुई।

अशोक सिद्धार्थ ने यह भी कहा कि उनके संन्यास को आकाश आनंद की वापसी से न जोड़ा जाए। आकाश पहले मायावती के भतीजे हैं, बाद में उनके दामाद। उन्होंने कहा कि अगर मेरी मौजूदगी बहुजन मिशन को नुकसान पहुंचा रही है तो मैं इसी वक्त राजनीतिक और सामाजिक जीवन से संन्यास लेने को तैयार हूं।

बता दें कि एक दिन पहले ही मायावती ने कहा था कि वह भतीजे आकाश आनंद को पार्टी में तभी वापस लेंगी, जब उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ राजनीति से संन्यास लेंगे। मायावती ने कहा था कि पार्टी ने अशोक सिद्धार्थ को अपनी गलतियां सुधारने के कई मौके दिए, लेकिन उन्होंने बहुजन समाज और पार्टी के मिशन से ज्यादा निजी और पारिवारिक स्वार्थ को महत्व दिया। अब भी अशोक सिद्धार्थ के पास मौका है कि वे अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षा छोड़कर पूरी तरह राजनीति से संन्यास ले लें। इसके बाद ही उनके दामाद आकाश आनंद को पार्टी की जिम्मेदारियां वापस देने पर सहानुभूतिपूर्वक विचार किया जा सकता है।

बता दें कि बसपा प्रमुख मायावती उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब में विधानसभा चुनाव को लेकर तैयारी में जुटी हैं। ऐसे समय में उन्होंने पार्टी के कार्यकर्ता, नेता और अन्य को साफ संदेश दिया है कि दलित समाज के लोग निजी या पारिवारिक स्वार्थ में ऐसा कोई भी कार्य नहीं करें, जो पार्टी के तीन राज्यों के चुनाव में बाधा उत्पन्न करे और इतिहास उन्हें माफ ना कर पाये।

बसपा मुखिया मायावती ने भतीजे आकाश को मैदान में उतारा, बतौर प्रभारी घोषित करेंगे विधानसभा चुनाव के प्रत्याशी - bsp president mayawati focus on youth gave big ...

मायावती ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि बीएसपी का शीर्ष नेतृत्व इन बातों का खास ध्यान देते हुये भूले-भटके हुये लोगों को उनके अचार-व्यवहार आदि को ध्यान में रखकर पार्टी में शामिल कर रहा है। जो लोग इसकी राह में थोड़ा भी रुकावट बनने की कोशिश कर रहे हैं, उनके विरुद्ध अनुशासनिक कार्रवाई आदि भी की जा रही है। जिसका उदाहरण हैं बीएसपी से राज्यसभा सदस्य रहे अशोक सिद्धार्थ।

Print