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SANJ SAMACHAR | Date: 10-09-2026 Thursday | Rajkot |
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नई दिल्ली: सड़क पर ट्रैफिक पुलिस द्वारा बाइक या कार रोकना और दस्तावेज जांचना कानूनन संभव है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि अधिकारी मनमाने तरीके से वाहन की चाबी छीन सकते हैं।
Motor Vehicles Act में वाहन को कुछ निर्धारित परिस्थितियों में जब्त या डिटेन करने की शक्तियां हैं, लेकिन रुटीन चेकिंग में किसी पुलिस वाले का चाबी छीनने की बात को उसकी शक्ति नहीं माना जा सकता। इसलिए चाबी निकालने की घटना को हमेशा उसके कारण, परिस्थितियों और पुलिस की वास्तविक कानूनी कार्रवाई के संदर्भ में देखना जरूरी है।
दरअसल, कानून तो यही कहता है कि ट्रैफ़िक नियमों का पालन कराने की बात हो तो अधिकृत पुलिस अधिकारी वाहन रोक सकते हैं। ड्राइविंग लाइसेंस तथा जरूरी वाहन दस्तावेज़ों की जांच कर सकते हैं।
Motor Vehicles Act की धारा 130 के तहत चालक को निर्धारित परिस्थितियों में लाइसेंस पेश करना होता है और वाहन से जुड़े दस्तावेज भी कानून के अनुसार मांगे जा सकते हैं।
इसका उद्देश्य ट्रैफ़िक नियमों का पालन और सड़क सुरक्षा जैसी चीजों को सुनिश्चित करना है। लेकिन वाहन रोकने की शक्ति का अर्थ यह नहीं है कि अधिकारी बिना कानूनी आधार के बलपूर्वक कोई भी तरीका अपना सकते हैं।
जनवरी 2026 में तेलंगाना हाई कोर्ट ने ने कहा कि पुलिस पेंडिंग ट्रैफिक पेनल्टी की रिकवरी के लिए मोटर चालकों को मौके पर भुगतान करने के लिए मजबूर नहीं कर सकती और keys छीनकर जबरन वसूली नहीं कर सकती। अदालत ने स्पष्ट किया कि जुर्माने की वसूली को कानून में निर्धारित उचित प्रक्रिया के जरिए आगे बढ़ाया जाना चाहिए।
मोटर वाहन अधिनियम की धारा 207 के जरिए अधिृत अधिकारी को कुछ खास बातों के लिए, मोटर वाहन को जब्त करने और हिरासत में लेने का अधिकार है। इसमें बिना वैध लाइसेंस, पंजीकरण या आवश्यक परमिट जैसे वैधानिक उपकरण शामिल हैं।
भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता BNSS 2023 की धारा 106 पुलिस को ऐसे वाहन करने की शक्ति देती है जिसके चोरी की होने का संदेह हो या जो किसी अपराध से संबंधित परिस्थितियों में पाई गई हो। हालांकि इसके बाद पुलिस अधिकारी को कानून में निर्धारित रिपोर्टिंग की ज़रूरतें का पालन करना होता है।
मतलब ... सड़कों पर कानून तोड़ते वाहनों के लिए साफ सबक है। ट्रैफिक पुलिस को बाइक रोकने, दस्तावेज जांचने और कानून में निर्धारित परिस्थितियों में वाहन या दस्तावेज जब्त करने की शक्तियां हैं, लेकिन रूटीन चेकिंग या सिर्फ चालान वसूली के नाम पर चाबी छीनने की कोई व्यापक अधिकार नहीं है। इसलिए किसी घटना में यह तय करने के लिए कि पुलिस की कार्रवाई वैध थी या नहीं, किस वजह से रोका गया, कौन-सी धारा लागू हुई और क्या औपचारिक ज़ब्ती हुई या कोई अन्य कार्रवाई हुई... इन तीनों बातों को देखना जरूरी है।